मंगलवार, 23 जून 2015

आतंकवाद समर्थित चीन की नैतिकता को चुनौती देनी चाहिए!

शिव ओम गुप्ता
चीन के संदर्भ में भारत को अपनी कूटनीतिक बातों और चीन की नापाक हरकतों से सबक लेनी चाहिए और लखवी के खिलाफ मौजूद सभी दस्तावेजों को संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी स्थायी सदस्यों के समक्ष रखना चाहिए।

चीन अक्साई चिन और म्यानमार में हुई सैनिक कार्वाई से झुझला गया है, इसलिए झुझलाहट में आतंकवाद जैसे कोढ़ को पोषित करने के लिए पाकिस्तान का समर्थन कर रहा है, जहां उसके निजी हित शामुल है।

भारत सरकार को चाहिए कि वह आतंकवाद के वैश्विक लड़ाई के खिलाफ चीन के पाकिस्तान को समर्थन का विरोध दर्ज करे और नैतिक ग्राउंड पर चीन के कदम की निंदा करे।

पूरा विश्व आतंकवाद जैसी विभिषिका से पीड़ित और त्रस्त है और कोई भी पाकिस्तान के आतंकवाद पोषित रवैये से अनभिज्ञ नहीं है।

नि: संदेह भारत को चीन द्वारा लखवी मामले में पाकिस्तान को दिये समर्थन के खिलाफ कई महत्वपूर्ण देश आतंकवाद के खिलाफ भारत की मुहिम का समर्थन करेंगे।
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